भारत में 7 मई 2025 को होने जा रही यह मॉक ड्रिल केवल एक सुरक्षा अभ्यास नहीं, बल्कि देश की रणनीतिक तैयारी और नागरिक सहभागिता का...
जातिगत जनगणना को लेकर देश में पिछले कुछ वर्षों से काफी चर्चा और विवाद देखने को मिला है
आतंकवाद और उग्रवाद दोनों ही समाज और राष्ट्र के लिए खतरा हैं,
अंग्रेजों ने भारतीय समाज में सांप्रदायिक विभाजन की नींव डाली। इस लेख में हम इन तीनों घटनाओं के जरिए ब्रिटिश हुकूमत की सांप्रदायिक रणनीति को समझने...
बाल तस्करी (Child Trafficking) भारत की सबसे गंभीर और दर्दनाक सामाजिक समस्याओं में से एक है।
आज देश में 80 करोड़ से ज़्यादा इंटरनेट यूज़र हैं और स्मार्टफोन लगभग हर हाथ में पहुंच चुका है।
हंता वायरस के प्रकोप मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप, और एशिया में देखे गए हैं।
भारत में ई-रिक्शा की शुरुआत 2000 में इंजीनियर डॉ. अनिल राजवंशी ने विकसित किया था।
आज दुनिया भर में झीलों, नदियों और अन्य फ्रेश वाटर के स्रोतों में ऑक्सीजन की कमी (Deoxygenation Crisis) एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।
मणिपुर के जातीय संघर्ष में सामुदायिक पहचान बेहद महत्वपूर्ण है। ज़ोमी समुदाय "कुकी" शब्द को औपनिवेशिक थोपना मानता है